नवीन चौहान,
हरिद्वार। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने निजी स्कूलों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी की पुस्तकों को लागू करने के बाद प्रदेश के निजी स्कूलों के शिक्षकों के लिये वेतन विसंगति की समस्या को दूर करेंगे। यदि शिक्षकों के नियमानुसार वेतनमान नहीं दिया गया तो ऐसे स्कूलों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।
प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय निजी स्कूलों पर सख्ती बरत रहे है। निजी स्कूलों की ओर से दी जाने वाली निजी प्रकाशकों को पुस्तकों को बंद कराकर एनसीईआरटी की पुस्तको को इस सत्र से लागू करा दिया गया है। सरकार के इस निर्णय का निजी स्कूल विरोध कर रहे है। जबकि सरकार के मंत्री इसे अपनी उपलब्धि के तौर पर प्रचारित कर रहे है। इसी विरोध के संबंध में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने एक वीडियो फेसबुक पर अपलोड की है। इस वीडियों में उन्होंने कहा कि प्रदेश के बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। उन्होंने कहा कि उन्हे मालूम है कि कुछ निजी स्कूल तीस हजार का वेतन चैक के माध्यम से देकर नकदी के रूप में उनसे वापिस लेते है। ऐसे सभी शिक्षकों की वेतन विसंगति को सरकार जल्द दूर करने जा रही है। ऐसा कृत्य करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।



