न्यूज 127, देहरादून।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से उत्तराखंड में ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में प्रेस वार्ता में बताया कि अभियान 17 अक्टूबर तक चलेगा। सेवा, जनभागीदारी, संवाद और नवाचार को केंद्र में रखकर आयोजित होने वाले इस अभियान के माध्यम से प्रदेशवासियों को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के तहत प्रदेशभर में 11 प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें विद्यार्थी, युवा, महिलाएं, लाभार्थी, अभिभावक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और आम नागरिक सक्रिय रूप से भाग लेंगे। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लोगों के जीवन में आए बदलाव और लाभार्थियों की सफलता की कहानियों को भी सामने लाया जाएगा।
दीप प्रज्वलन से लेकर चित्रकला प्रतियोगिताएं
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत सरकारी योजना केंद्रों, गैस वितरण केंद्रों, राशन की दुकानों, प्रमुख धार्मिक स्थलों और गंगा तटों पर दीप प्रज्वलन एवं सामूहिक कार्यक्रम होंगे। नए मेडिकल कॉलेज, बांध, पुल, अमृत सरोवर और जन औषधि केंद्रों पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’ के तहत शिक्षण संस्थानों में विकसित भारत और आगामी 25 वर्षों की उपलब्धियों पर चित्रकला, निबंध एवं भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। चयनित चित्रों को विद्यालयों में प्रदर्शित कर अभिभावकों और नागरिकों को भी जोड़ा जाएगा।
नाटक और आंगनवाड़ी गतिविधियों से जुड़ेंगे बच्चे
‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के तहत विद्यालयों में देश की उपलब्धियों पर आधारित नाटकों का मंचन किया जाएगा। वहीं ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों, अभिभावकों, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं की सहभागिता रहेगी। मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण पर विशेष जोर दिया जाएगा।
‘सेवा की कहानियां’ के माध्यम से सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों के जीवन में आए बदलाव को भाषण, चित्रकला और कहानियों के जरिए सामने लाया जाएगा। ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के तहत प्रमुख चौराहे पर विकसित भारत 2047 से संबंधित कलश स्थापित कर साइकिल और बाइक यात्रा भी प्रस्तावित है।
सेवा से जुड़ेंगे आम नागरिक
‘सेवा : मेरा योगदान’ कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को पौधरोपण, स्वच्छता, शिक्षण और अन्य समाजोपयोगी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। ‘सेवा सेतु’ के तहत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में शिविर लगाए जाएंगे। इनमें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के साथ स्वास्थ्य एवं बहुउद्देशीय शिविर भी आयोजित होंगे।
‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम में रंगोली के माध्यम से विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के जरिए सरकारी विभागों की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए आईआईटी, आईआईएम और विशेषज्ञों को मार्गदर्शक एवं निर्णायक के रूप में जोड़ने की योजना है।
हर जिले में होगा व्यापक आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सुशासन सेवा संवाद’ के तहत जनप्रतिनिधियों के साथ सेवा और सुशासन को लेकर व्यापक संवाद किया जाएगा। अभियान की तस्वीरें, वीडियो, लाभार्थियों के अनुभव और सकारात्मक बदलाव की कहानियां मीडिया के माध्यम से भी प्रसारित की जाएंगी।
धामी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि नागरिकों को सेवा, संवाद, नवाचार और जनभागीदारी के माध्यम से विकसित भारत 2047 का सक्रिय सहभागी बनाना है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है और उन्होंने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया है। जनसमर्थन के साथ इस संकल्प को आगे बढ़ाया जाएगा। अभियान का आयोजन हर जिले में व्यापक स्तर पर किया जाएगा और जिलों के प्रभारी मंत्री भी कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, राम सिंह कैड़ा और महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी मौजूद रहे।








