पांच दशकों की गौरवगाथा को नमन, डीपीएस रानीपुर के ‘स्वर्ण अक्षर-2026’ का भव्य समापन










Listen to this article
  • मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने विद्यालय की स्वर्णिम यात्रा और उपलब्धियों की सराहना की
  • मुख्य सचिव ने प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा के नेतृत्व को सराहा

न्यूज 127, हरिद्वार।
दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर में आयोजित तीन दिवसीय स्वर्ण जयंती साहित्यिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव ‘स्वर्ण अक्षर-2026—स्वर्णिम प्रवाह’ का गुरुवार को भव्य एवं गरिमामय समापन हुआ। साहित्य, संस्कृति, कला, संगीत और सृजनात्मकता से सजे समारोह में विद्यालय की पांच दशक लंबी गौरवपूर्ण यात्रा, उपलब्धियों और समृद्ध विरासत की झलक देखने को मिली।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि उत्तराखंड शासन के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने डीपीएस रानीपुर के आयोजन की सराहना करते हुए विद्यालय की 50 वर्षों की यात्रा को अद्वितीय बताया। उन्होंने प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा के नेतृत्व और उत्कृष्ट कार्यों की भी प्रशंसा की। समारोह में भेल के निदेशक वित्त एवं मुख्य वित्तीय अधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित और भेल के कार्यपालक निदेशक रंजन कुमार सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत, स्वागत गीत और दीप प्रज्वलन से हुआ। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने साहित्य की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तकनीक हमें उत्तर दे सकती है, लेकिन साहित्य बेहतर प्रश्न पूछना सिखाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर सीखने, सहयोग की भावना रखने और समाज के लिए सार्थक योगदान देने का आह्वान किया।

राजेश कुमार द्विवेदी ने डीपीएस रानीपुर और भेल की साझा विरासत की सराहना करते हुए साहित्य को जीवन और आत्म-अन्वेषण को समृद्ध करने वाला माध्यम बताया। उन्होंने प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा के प्रयासों की प्रशंसा की। रंजन कुमार ने विद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, मजबूत मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में योगदान की सराहना करते हुए आयोजन के लिए विद्यालय परिवार को बधाई दी।

पांच दशक की यात्रा वीडियो में हुई जीवंत
समारोह में प्रस्तुत स्वर्ण जयंती वीडियो के माध्यम से डीपीएस रानीपुर की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की पांच दशकों की यात्रा, उपलब्धियों और पूर्व विद्यार्थियों की सफलताओं को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रख्यात कवि सतीश सृजन और प्रसिद्ध कवयित्री वैष्णवी शर्मा की मौजूदगी ने समारोह को साहित्यिक गरिमा प्रदान की। वैष्णवी शर्मा ने महाभारत के विभिन्न प्रसंगों को कविता के माध्यम से प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
विद्यार्थियों की कठपुतली नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। शास्त्रीय नृत्य पर आधारित ‘नृत्य नवरस’ में बच्चों ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत और अपनी सशक्त नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मुंबई से विशेष रूप से आए कथक नृत्य समूह ने कथक शैली में रामायण के प्रसंगों की प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। वहीं विद्यार्थियों ने रहस्य और रोमांच से भरपूर अंग्रेजी नाट्य मंचन से भी दर्शकों को प्रभावित किया।

‘स्वर्ण अक्षर-2026’ का समापन डीपीएस रानीपुर की स्वर्णिम विरासत को नमन करने के साथ नए उत्साह, संकल्प और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ने का संदेश दे गया। प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा ने मुख्य अतिथि आनंद बर्द्धन और राजेश कुमार द्विवेदी सहित सभी अतिथियों, अभिभावकों और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय के स्वर्णिम वर्ष में प्रवेश का यह पहला आयोजन है और वर्षभर चलने वाले विभिन्न उत्सवों का यह शुभारंभ है। डीपीएस रानीपुर आगे भी विद्यार्थियों को उत्कृष्टता के पथ पर अग्रसर करता रहेगा।