न्यूज 127, देहरादून/नई दिल्ली।
हरिद्वार के सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा लोकसभा में पूछे गए महत्वपूर्ण तारांकित प्रश्न के उत्तर में वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने लिखित उत्तर में सरकार द्वारा प्रस्तावित कॉरपोरेट विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रमुख प्रावधानों और कॉरपोरेट क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों की विस्तृत जानकारी सदन के समक्ष रखी।
शेयर पूंजी बढ़ाकर की 20 करोड़ रुपये
जिसमें उन्होंने यह बताया कि “लघु कंपनी” की प्रदत्त शेयर पूंजी की सांविधिक सीमा को 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये किए जाने का प्रस्ताव है, जिससे बढ़ते व्यवसायों को अधिक लचीलापन मिलेगा और वे विस्तार की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2014-15 से सरकार ने कंपनी अधिनियम, 2013 एवं सीमित दायित्व भागीदारी (एलएलपी) अधिनियम, 2008 के अंतर्गत अनेक तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया है। इससे मुकदमों में कमी आई है, अनुपालन सरल हुआ है तथा व्यवसाय करने की सुगमता और बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस को बढ़ावा मिला है।
फास्ट ट्रैक मर्जर व्यवस्था का दायरा बढ़ाया
निर्मला सीतारमण ने यह भी अवगत कराया कि फास्ट ट्रैक मर्जर (त्वरित विलय) व्यवस्था का दायरा लगातार बढ़ाया गया है। इसमें स्टार्टअप, गैर-सूचीबद्ध कंपनियों और समूह के भीतर पुनर्गठन को शामिल करते हुए अनुमोदन प्रक्रिया को अधिक तेज, सरल और लागत प्रभावी बनाया गया है। साथ ही, ऐसे मामलों के निस्तारण के लिए 60 दिनों की समय-सीमा सुनिश्चित करने का प्रावधान भी किया गया है।
सुधारों से निवेश को मिलेगा बढ़ावा
सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे ये सुधार विश्वास-आधारित शासन, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और ईज़ ऑफ कम्प्लायंस को नई मजबूती देंगे। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से निवेश को बढ़ावा मिलेगा, उद्योगों को गति मिलेगी और भारत की अर्थव्यवस्था को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
निवेश के लिए बनेगा अनुकूल वातावरण
सांसद ने कहा कि उत्तराखंड जैसे उभरते राज्य तथा हरिद्वार संसदीय क्षेत्र में उद्योग, एमएसएमई, स्टार्टअप और सेवा क्षेत्र के लिए ये सुधार अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि व्यवसायों के लिए सरल नियम, त्वरित अनुमोदन प्रक्रिया और अनुपालन संबंधी बोझ में कमी से निवेश का अनुकूल वातावरण बनेगा, जिससे स्थानीय उद्यमिता को नई ऊर्जा मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उत्तराखंड सहित पूरे देश को मिलेगा लाभ
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का लक्ष्य एक ऐसा सक्षम और विश्वास-आधारित पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है, जिसमें उद्योग, निवेशक और युवा उद्यमी बिना अनावश्यक बाधाओं के आगे बढ़ सकें। यह आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका लाभ उत्तराखंड सहित पूरे देश को मिलेगा।




