डीपीएस रानीपुर में स्वच्छता अभियान, स्वच्छता में सहभाग- स्वच्छ भारत, विकसित भारत का दिया संदेश




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न्यूज 127, हरिद्वार।
दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर, हरिद्वार में गुरूवार को “स्वच्छता में सहभाग – स्वच्छ भारत, विकसित भारत” विषय के अंतर्गत विद्यालय स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस स्वच्छता अभियान में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विद्यालय परिसर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा के जागरूकता संबोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वच्छता के महत्व, व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वस्थ जीवनशैली तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल किसी विशेष दिवस या अभियान तक सीमित न रहकर हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बननी चाहिए।
अभियान के अंतर्गत शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह के साथ विद्यालय की कक्षाओं, गलियारों, सीढ़ियों, सभा स्थल, खेल मैदान, विद्यालय उद्यान एवं कैंटीन क्षेत्र में स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की। विद्यार्थियों ने परिसर से कचरा एकत्रित कर उसे निर्धारित कूड़ेदानों में डाला तथा गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण के महत्व को समझा।
इस अवसर पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों को हाथ धोने की उचित प्रक्रिया, शौचालयों के स्वच्छ एवं जिम्मेदार उपयोग, कचरा प्रबंधन तथा पर्यावरण संरक्षण के संबंध में भी जागरूक किया। विद्यार्थियों ने सामूहिक प्रयास, अनुशासन एवं जिम्मेदारी का परिचय देते हुए स्वच्छता अभियान को सफल बनाया।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों में यह भावना विकसित की गई कि विद्यालय एवं आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। उन्हें अपने घर, विद्यालय तथा सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने स्वच्छता शपथ ली तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया। प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा ने सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को स्वच्छता में सहभाग कार्यक्रम के इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी की प्रसंशा करते हुए सभी को बधाई दी साथ ही उन्होंने स्वच्छता को नियमित आदत के रूप में अपनाने और विद्यालय परिसर अपने घर एवं सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में स्वच्छता, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे मूल्यों को विकसित करने एवं “स्वच्छ भारत, विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।