करोड़ों के फर्जी स्टाम्प घोटाले के मुख्य आरोपी अक्षय गुप्ता की 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क




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एसपी सिटी के नेतृत्व में सिविल लाइन पुलिस का बड़ा एक्शन

न्यूज 127, मेरठ (जोजो)।
जिले में उजागर हुए करोड़ों रुपये के चर्चित स्टाम्प घोटाले में मेरठ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी अक्षय गुप्ता की 10 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क कर अपने कब्जे में ले लिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद फर्जी स्टाम्प बेचने वाले नेक्सस से जुड़े भू-माफियाओं और जालसाजों में हड़कंप मच गया है।

यह पूरी कार्रवाई एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले के कुशल नेतृत्व में अंजाम दी गई। पुलिस बल की मौजूदगी में ढोल बजवाकर मुनादी कराई गई और कुर्क की गई संपत्तियों पर विधिक नोटिस बोर्ड लगा दिए गए। उल्लेखनीय है कि इस फर्जी स्टाम्प गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना सिविल लाइन में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी एक सुसंगठित नेक्सस चलाकर आम जनता और सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगा रहे थे। गिरोह का मुख्य सूत्रधार अक्षय गुप्ता फर्जी स्टाम्प तैयार कर उन्हें बाजार में खपाता था और उससे अर्जित काली कमाई से बेनामी संपत्तियां बना रहा था।

पुलिस की जांच केवल मुख्य आरोपी तक सीमित नहीं है। सूत्रों के अनुसार, फर्जी स्टाम्प के इस काले कारोबार का जाल बेहद गहराई तक फैला हुआ है। मेरठ के कई नामी बिल्डर, प्रॉपर्टी डीलर और रसूखदार ‘सफेदपोश’ लोग भी अब पुलिस की रडार पर आ चुके हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन बिल्डरों ने अपनी जमीनों और प्रोजेक्ट्स की रजिस्ट्री में फर्जी स्टाम्प का इस्तेमाल कर भारी मुनाफा कमाया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग अन्य आरोपियों की संपत्तियों का भी ब्योरा जुटा रहा है। एसपी सिटी ने स्पष्ट किया है कि घोटाले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फर्जीवाड़े से अर्जित हर एक संपत्ति को चिन्हित कर कुर्की की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

पुलिस के मुताबिक धोखाधड़ी, जालसाजी एवं स्टांप घोटाले के आरोपी अक्षय गुप्ता पुत्र मित्रसेन गुप्ता, निवासी लक्ष्मीनगर, सूरजकुंड रोड, थाना सिविल लाइन, मेरठ के विरुद्ध धारा 107 बीएनएस के अंतर्गत प्रभावी कार्यवाही करते हुए लगभग ₹10.06 करोड़ मूल्य की 03 अचल संपत्तियों की कुर्की की गई।