ज्ञान के साथ संस्कार, चरित्र और राष्ट्रबोध को शिक्षा का हिस्सा बनाने पर जोर
न्यूज 127, देहरादून।
डीएवी संस्थाओं ने शिक्षा के क्षेत्र में ज्ञान के साथ संस्कार और चरित्र निर्माण को महत्व देते हुए कई नए आयाम स्थापित किए हैं। देशभर में संचालित डीएवी संस्थानों से शिक्षा प्राप्त कर विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं और देश का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं।
डीएवी की शिक्षा पद्धति में आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को भी महत्व दिया जाता है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए विद्यालयों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जा रहा है।
शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ विद्यार्थियों को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है। संस्कार आधारित शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी में आत्मविश्वास, सेवा भावना, नैतिकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


