देशभर में शिक्षा के साथ भारतीय मूल्यों को आगे बढ़ाने का निरंतर प्रयास
न्यूज 127, देहरादून।
डीएवी संस्थाओं के विस्तार और शैक्षणिक गतिविधियों को नई दिशा देने में अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. पूनम सूरी के नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके मार्गदर्शन में संस्था आधुनिक शिक्षा और भारतीय वैदिक परंपराओं के बीच संतुलन स्थापित करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर दे रही है।
डीएवी संस्थानों ने देशभर में शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। यहां से शिक्षा प्राप्त विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं और देश-विदेश में अपनी प्रतिभा के माध्यम से संस्था और भारत का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं।
डॉ. पूनम सूरी शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय संस्कार, चरित्र, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रबोध से जोड़ने पर जोर देते हैं। उनका मानना है कि मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए ऐसी शिक्षा आवश्यक है जो विद्यार्थियों को ज्ञानवान होने के साथ जिम्मेदार और संस्कारवान नागरिक भी बनाए।
उनके नेतृत्व में डीएवी संस्थाएं शिक्षा, संस्कार और सामाजिक सरोकारों के विभिन्न आयामों को साथ लेकर निरंतर आगे बढ़ रही हैं।


