पथ प्रवाह, देहरादून।
उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में सम्मानित किया।
इस अवसर पर देहरादून की जूडो खिलाड़ी और डीएवी पब्लिक स्कूल डिफेंस कॉलोनी की पूर्व छात्रा उन्नति शर्मा, जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया, विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। मुख्यमंत्री ने उन्नति शर्मा को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही उनके प्रशिक्षकों सतीश चन्द्र शर्मा और पुनेश कुमार सिंह को भी उनके उत्कृष्ट मार्गदर्शन और समर्पण के लिए सम्मानित किया गया।

उन्नति शर्मा की सफलता की कहानी संघर्ष, समर्पण और निरंतर मेहनत का प्रतीक है। उन्होंने जूडो का प्रशिक्षण अपने विद्यालय डीएवी पब्लिक स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही शुरू किया था। कक्षा छह में उनके कोच पुनेश कुमार सिंह ने उनकी प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारना शुरू किया। निरंतर अभ्यास, अनुशासन और कोचिंग के बल पर उन्नति ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
आज उन्नति शर्मा का सपना केवल यहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि वे ओलंपिक और एशियन गेम्स में भारत के लिए पदक जीतने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही हैं। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश की बेटियों के लिए एक सशक्त संदेश है कि मेहनत और लगन के बल पर कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी पदक विजेताओं, प्रशिक्षकों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा और प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि उत्तराखंड के युवा राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकें। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों की सफलता प्रदेश के युवाओं में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करेगी।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और खेल प्रेमियों ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह सम्मान समारोह न केवल खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने वाला रहा, बल्कि प्रदेश में खेल संस्कृति को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।




