1000 अतिरिक्त कर्मचारी और 80 से अधिक वाहन रहे तैनात, ड्रोन से निगरानी; अंतिम दो दिनों में ही उठा 2 हजार टन कूड़ा
पथ प्रवाह, हरिद्वार
करोड़ों कांवड़ यात्रियों की आवाजाही से उमड़े कांवड़ मेले के बाद अब हरिद्वार को फिर से स्वच्छ और व्यवस्थित स्वरूप में लौटाने के लिए नगर निगम ने सफाई अभियान तेज कर दिया है। पूरे कांवड़ मेले के दौरान नगर निगम की टीमों ने करीब 7 हजार मीट्रिक टन कचरा एकत्रित किया। मेले के अंतिम दो दिनों में ही लगभग 2 हजार मीट्रिक टन कूड़ा उठाया गया। कांवड़ मेले के समापन के साथ ही मंगलवार को शहर के घाटों, कांवड़ मार्गों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर युद्धस्तर पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया।
कांवड़ मेले की चुनौती को देखते हुए नगर निगम ने नियमित सफाई व्यवस्था के अलावा करीब 1000 अतिरिक्त आउटसोर्स कर्मचारियों को मैदान में उतारा था। कूड़ा एकत्र करने और उसे निस्तारण स्थल तक पहुंचाने के लिए 80 से अधिक वाहन भी तैनात किए गए। प्रमुख घाटों, कांवड़ मार्गों, बाजार क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सफाई टीमें लगातार सक्रिय रहीं।
ड्रोन से रखी गई सफाई व्यवस्था पर नजर
नगर निगम ने इस बार सफाई व्यवस्था की निगरानी में तकनीक का भी इस्तेमाल किया। प्रमुख कांवड़ मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से निगरानी की गई। जहां भी कचरा जमा होने या सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की जानकारी मिली, वहां तत्काल सफाई टीम और वाहन भेजे गए।
प्लास्टिक के खिलाफ ग्रीन चौकियां
सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन के इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर ग्रीन चौकियां स्थापित की गईं। इन चौकियों के माध्यम से श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों को पॉलिथीन के विकल्प के रूप में कंपोस्टेबल ग्रीन बैग उपलब्ध कराए गए। साथ ही लोगों को प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।
घाटों पर तैनात रहे स्वच्छता दूत
प्रमुख घाटों पर स्वच्छता दूतों की तैनाती की गई। उन्होंने श्रद्धालुओं को कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने के लिए प्रेरित किया और घाटों की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग किया। नगर निगम का प्रयास रहा कि सफाई व्यवस्था केवल कर्मचारियों तक सीमित न रहे, बल्कि श्रद्धालुओं और नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित हो।
सोलर सेंसर डस्टबिन का हुआ ट्रायल
कांवड़ मेले के दौरान नगर निगम ने तकनीक आधारित कचरा प्रबंधन की दिशा में सोलर सेंसर डस्टबिन का भी सफल परीक्षण किया। इस पहल के जरिए स्मार्ट कचरा प्रबंधन की संभावनाओं को परखा गया। उपयोगिता के आधार पर भविष्य में ऐसी आधुनिक व्यवस्थाओं को विस्तार देने की तैयारी है।
दो दिन और चलेगा विशेष सफाई अभियान
कांवड़ मेले के समापन पर 11 अगस्त को नगर निगम ने विशेष सफाई अभियान शुरू किया। घाटों, कांवड़ पटरी, प्रमुख मार्गों, बाजार क्षेत्रों और अन्य सार्वजनिक स्थानों से कूड़ा उठाकर तत्काल वाहनों के माध्यम से निर्धारित निस्तारण स्थल तक पहुंचाया गया। नगर निगम के अनुसार यह विशेष अभियान अगले दो दिनों तक भी लगातार जारी रहेगा।
नगर आयुक्त बोले—मेले के बाद भी नहीं रुकेगा अभियान
नगर आयुक्त आईएएस नंदन कुमार ने कहा कि करोड़ों कांवड़ यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए नगर निगम ने व्यापक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था की थी। अतिरिक्त मानव संसाधन और वाहनों के साथ ड्रोन निगरानी, ग्रीन चौकियों, स्वच्छता दूतों और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने कहा कि कांवड़ मेले का समापन सफाई अभियान का अंत नहीं है। मेले के दौरान उत्पन्न समस्त अपशिष्ट को हटाने और घाटों एवं सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ स्वरूप में लाने तक अभियान जारी रहेगा। उन्होंने पर्यावरण मित्रों, आउटसोर्स कर्मचारियों, वाहन चालकों और अधिकारियों की टीम की सराहना की।
महापौर ने सफाईकर्मियों की पीठ थपथपाई
महापौर किरण जैसल ने कांवड़ मेले के दौरान सफाई व्यवस्था में जुटे नगर निगम अधिकारियों, पर्यावरण मित्रों, आउटसोर्स कर्मचारियों और वाहन चालकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच हरिद्वार को स्वच्छ रखना बड़ी चुनौती थी, जिसे निगम की टीम ने प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार की स्वच्छता केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और श्रद्धालु की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने और शहर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग की अपील की।
कूड़ा दिखे तो कंट्रोल रूम को दें सूचना
नगर निगम ने कांवड़ मेले के बाद भी सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन व्यवस्था जारी रखी है। किसी भी क्षेत्र में कूड़े का ढेर या सफाई से संबंधित समस्या दिखाई देने पर नगर निगम के कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 9068699924 पर सूचना दी जा सकती है। सूचना मिलने के बाद संबंधित सफाई टीम को मौके पर भेजकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम का लक्ष्य अब कांवड़ मेले के दौरान उत्पन्न अपशिष्ट का व्यवस्थित संग्रहण और निस्तारण पूरा कर हरिद्वार को जल्द से जल्द स्वच्छ एवं व्यवस्थित स्वरूप में लौटाना है।




