नवीन चौहान.
शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में फैसला सुनाया। गिरफ्तारी और हिरासत को चुनौती देने वाली अरविंद केजरीवाल की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने बीते दिनों फैसला सुरक्षित रख लिया था।
आज फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि यह याचिका जमानत के लिए नहीं थी। याचिका में ईडी द्वारा की गई गिरफ्तारी को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता ने ईडी की गिरफ्तारी को गलत बताया था। दिल्ली हाईकोर्ट की जज स्वर्णकांता शर्मा ने इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि यह याचिका जमानत के लिए नहीं है।
केजरीवाल के वकील ने अपनी दलील के दौरान गवाहों के बयान पर सवाल उठाए थे। जिस पर कोर्ट ने कहा कि गवाहों के बयान मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में लिए गए इसलिए इस पर सवाल उठाना कोर्ट पर सवाल होगा। कहा कि दस्तावेज के मुताबिक केजरीवाल साजिश में शामिल। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता मनी लॉड्रिंग में गिरफ्तार हैं। उनकी गिरफ्तारी में कानून का उल्घंन नहीं हुआ है।केंद्र सरकार का नहीं यह ईडी का मामला है। हाईकोर्ट ने कहा कि जज कानून से बंधे है राजनीति से नहीं। पूछताछ से किसी को भी छूट नहीं दी जा सकती चाहे वह सीएम हो। हाईकोर्ट ने अपना फैसला पढ़कर सुनाते हुए अरविंद केजरीवाल की याचिका को खारिज कर दिया।
वहीं दूसरी ओर मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि आम आदमी पार्टी हाईकोर्ट के फैसले से सहमत नहीं है, वह इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा सकती है।
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