भारत की कुंडली में चल रही है मंगल में राहु की दशा

न्यूज 127. मेरठ।
ग्रहों की चाल से इस समय भारत ही नहीं पूरे विश्व में उथलपुथल मची हुई है। हम बात करें केवल भारत की तो इस समय स्वतंत्र भारत की वृषभ लग्न की कुंडली में मंगल की महादशा में राहु की प्रत्यंतर दशा चल रही है, जो लगभग फरवरी 2027 तक चलेगी। स्वतंत्र भारत की कुंडली वृषभ लग्न की है। मंगल मारकेश होकर द्वितीय भाव में मिथुन राशि में राहु के आद्रा नक्षत्र में स्थित है। मंगल की इस दशा से भारतवर्ष के लिए अनावश्यक रूप से अराजकता, लड़ाई झगड़ा, जन मानस का मानसिक प्रभावित होना, धरने प्रदर्शन तथा आम जनता का सरकार के खिलाफ होने के योग बन रहे हैं। इसके अलावा भूकंप तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं व बड़ी दुर्घटना आदि से जनमानस प्रभावित रहेगा।
8 फरवरी से शुरू हुआ संघर्ष का समय
प्रेरणा वास्तु ज्योतिष एवं रत्न अनुसंधान केंद्र के अध्यक्ष व ज्योतिष सलाहकार राहुल अग्रवाल के मुताबिक इसके चलते देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण और संघर्ष वाला समय जो शुरू हुआ है 8 फरवरी 2026 से। इस दिन मंगल में राहु की प्रत्यंतर दशा शुरू हुई है, जो 26 फरवरी 2027 तक रहेगी। यह समय देश के लिए बहुत ही चुनौतीपूर्ण संघर्ष वाला, मानसिक स्थिति खराब करने वाला तथा आम जनमानस के साथ इस समय राजनेताओं को भी जनता के हित के सही निर्णय लेने में दुविधा का सामना करना पड़ेगा। ग्रहों की चाल बता रही है कि देश विरोधी ताकतें अपनी पूरी शक्ति के साथ देश का माहौल खराब करने का प्रयास करेंगी। फरवरी 2027 तक जब तक मंगल में राहु की दशा रहेगी तब तक देश में अप्रत्याशित रूप से अपराधिक घटनाएं, धरना प्रदर्शन, गोलीकांड, चोरी, दुर्घटनाएं तथा बे वजह के विवादों में वृद्धि देखने को मिलेगी। साथ ही देश में आर्थिक रूप से दिक्कतें तथा बड़े घोटाले खुलने का भी योग बन रहा है।

देश विरोधी ताकतें करेंगी समाज को बांटने का काम
इन ग्रहों के अलावा देवगुरु बृहस्पति का अतिचारी मतलब बहुत तेज चलना अपनी गति के हिसाब से और भाग्ययेश व दशमेश शनि का गोचर में भारत की कुंडली में 11वें भाव में बैठकर 26 जुलाई 2026 से लगभग 10 दिसंबर 2026 तक उल्टी गति से चलना भी देश के लिए थोड़ा सा कठिन समय प्रतीत हो रहा है। राहुल अग्रवाल का कहना है कि इस समय देश विरोधी ताकतें समाज को बांटने और देश के भीतर अराजकता फैलाने की हर संभव प्रयास कर सकती हैं, जिससे आम जनता को अनावश्यक रूप से काफी कष्ट महसूस होगा। ग्रहों की स्थिति व्यापारिक स्थिति के लिए भी अच्छी नहीं है शेयर बाजार रियल एस्टेट सराफा बाजार तथा आईटी सेक्टर में काफी बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है
ईश्वरीय शक्तियां करेंगी देश की मदद
ग्रहों की चाल जहां देश के लिए कुछ माह का समय कठिन दिख रही है वहीं कुछ ईश्वरीय शक्तियां भी देश की मदद के लिए तैयार नजर आती है। सबसे महत्वपूर्ण बात के स्वतंत्र भारत की कुंडली में देवगुरु बृहस्पति छठे भाव में स्थित है, जो किसी भी देश विरोधी ताकत को कुचलने में सक्षम है। ईश्वरीय मदद इसलिए कहा जाएगा की गोचर में भारत की कुंडली में बृहस्पति तृतीय भाव में स्थित होकर भाग्य भाव जो कि धर्म का ईश्वर का भाव होता है अपनी पूर्ण सप्तम दृष्टि वहां डाल रहे हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी की कुंडली महत्वपूर्ण
इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारा देश में इस समय प्रधान सेवक यानी प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी एकता व अखंडता बनाए रखने के लिए अपना पूरा प्रयास करते दिख रहे हैं। इसमें उनकी जन्म कुंडली का एक बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। मोदी जी का जन्म सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार 17 सितंबर 1950 को प्रात लगभग 11:30 बजे मेहसाणा गुजरात में होना बताया जाता है। उनकी वृश्चिक लग्न वृश्चिक राशि की कुंडली है, मंगल खुद लग्न में भाग्येश चंद्रमा के साथ हैं, देवगुरु बृहस्पति चौथे घर में तथा पराक्रम और सुख स्थान के स्वामी शनि कर्म भाव में स्थित है। यहां पर बृहस्पति और शनि का सम सप्तक योग भी बन रहा है। जहां लग्न का मंगल इन्हें अदम्य साहस, ऊर्जावान, हिम्मती और सक्रिय बनाकर विरोधियों को परास्त करने की शक्ति देगा वहीं, शनि जो दूसरों को परेशानी देने वाले ग्रह के रूप में विख्यात है मोदी जी की कुंडली में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और उनको शुभ फल देने वाले ग्रह के रूप में स्थित है।
कुछ ही महीनों का है ये संकट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की कुंडली में कम भाव का शनि किसी भी स्थिति में हार नहीं माने देता है तथा व्यक्ति को एक राजनीति के माहिर खिलाड़ी के रूप में स्थापित करता है। यह तो निश्चित बात है भारत और नरेंद्र मोदी जी की कुंडली के हिसाब से देश पर यह संकट सिर्फ कुछ महीनों का है ईश्वरीय शक्तियां जहां देश की मदद करेंगी वहीं मोदी जी का देश के प्रति समर्पण कभी ना हार मानने की शक्ति वह कुशल नेतृत्व इन देश विरोधी ताकतों को परास्त करने में सक्षम रहेंगी, बस कुछ महीने सरकार को बहुत ही कूटनीति से स्थिति को संभालना होगा तथा आम जनमानस को भी अपनी मानसिक स्थिति को सही रखना होगा, देश विरोधी ताकतों के बहकावे में आने से बचना होगा।
नोट— यह समस्त जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद कुंडलियों के आधार पर ज्योतिष सलाहकार राहुल अग्रवाल द्वारा उपलब्ध करायी गई है। इनके द्वारा पूर्व में भी कई ज्योतिषीय गणना के आधार पर भविष्यवाणी की गई जो सही साबित होने का दावा किया गया है।




