नवीन चौहान.
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में दरोगा को उसके ही साथी धीरज ने गोली मारी थी। गोली लगने से दरोगा की मौत हो गई थी। पुलिस ने यह सनसनीखेज खुलासा धीरज को पूछताछ के बाद गिरफ्तार करने के बाद किया है।
जानकारी के मुताबिक दरोगा ने धीरज को घर का कामकाज करने के लिए तीन महीने पहला ही रखा था। घटना के समय वह दरोगा के साथ एक विवेचना पर गया था। वहां से दोनों साथ लौट रहे थे। रास्ते में सुनसान जगह देखकर उसने वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने पैसों के लिए हत्या करने की बात कुबूली है। आरोपी धीरज ने बताया कि एसआई दिनेश कुमार मिश्रा ने उसे दस हजार महीने के वेतन पर रखा था। पहले महीने का वेतन तो दे दिया था। लेकिन, दूसरे का महीने के वेतन नहीं दिया। मुझे पैसों की जरूरत थी। इससे मैं परेशान था।
जांच के दौरान जब पुलिस ने क्राइम सीन दोहराया तो धीरज के बयान से क्राइम सीन मैच नहीं खाया, उसमें कई जगह झोल दिखे, जिसके बाद पुलिस ने शक के आधार पर उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया।

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