नवीन चौहान
कोरोना संक्रमण काल में पर्यटन कारोबार चौपट होने के बाद भारत वर्ष के ट्रैवल कारोबारी आक्रोषित हो गए है। जिसके चलते विभिन्न राज्यों के ट्रैवल कारोबारी और होटल व्यवसायियों ने एक बैनल तले अपने—अपने राज्यों में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया। केंद्र व राज्योें सरकारों तक अपनी समस्याओं को पहुंचाने के लिए उनका ध्यान आकर्षित किया। उत्तराखंड के टूर आप्रेटर एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक अहलूवालिया सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने पर्यटकों से पाबंदी हटाने की मांग का पूर्ण समर्थन किया। 
कोरोना संक्रमण काल में पर्यटन कारोबार पूरी तरह से दम तोड़ चुका है। पर्यटन कारोबारियों की आर्थिक स्थिति चरमरा चुकी है। होटल व ट्रैवल कारोबारी अपने तमाम खर्चो को वहन करने की स्थिति में नही है। उत्तराखंड की हालत तो बेहद ही खराब हो चुकी है। कमोवेश पूरे भारत में पर्यटन कारोबार की हालत एक जैसी है। ट्रैवल कारोबारियों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए केंद्र व सरकार का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदर्शन किया और आवाज बुलंद की। भारत में ट्रैवल ट्रेड और होटल व्यवसाय से जुड़े हुए बहुत से लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अनुरोध किया कि यात्रियों से प्रतिबंध को पूरी तरह से हटाया जाना चाहिए। जिस से टूरिस्ट किसी भी स्टेट में टूर के लिए जा सके।
सभी बॉर्डर खोलने की गुज़ारिश की। साथ ही मोरेटरियम को ट्रैवल ट्रेड के लिए आगे बढ़ने का अनुरोध किया। डोमेस्टिक ट्रैवल बिजनेस बढ़ाने के लिए सरकार को सुझाव दिया कि 50000/ की 80ç में छूट दी जाए। जिससे टूरिस्ट को भ्रमण पर जाने के लिए प्रोत्साहन मिले। भारतीयों से अनुरोध किया था कि देखो अपना देश एक हैशटैग हैंडल के माध्यम से यह बात सरकार तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
फेस बुक, ट्विटर वा अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से यह संयुक्त प्रयास किया गया। जिसमें कश्मीर से असीम भटट, दिल्ली से रवि सिंह, दीपक सिंह, कोलकत्ता से चंद्रप्रकाश, गुजरात से हेमंत पाटिल, कानपुर से अमित गुप्ता, उदयपुर राजस्थान से नरेंद्र गुर्जर, उत्तराखंड से अभिषेक अहलूवालिया, असम , पंजाब, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश, एवं विभिन्न राज्यों के ट्रैवल एवं होटल व्यवसाई ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया।
बारिश में भीगकर किया प्रदर्शन
पर्यटन कारोबारियों ने अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए बारिश में भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पर्यटन कारोबारियों की चिंता बढ़ती जा रही है। उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सरकार को इनकी समस्याओं को संजीदगी से सुनना चाहिए।
भारत वर्ष के ट्रैवल कारोबारी आक्रोषित, विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन







