डीएवी देहरादून में ‘समिधा’ ने जगाई वैज्ञानिक सोच की लौ










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‘निष्कर्षण से अभिनिर्माण तक: इंसुलिन का उदय’ विषय पर अंतरविद्यालयी विज्ञान कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

News 127, देहरादून।
डीएवी पब्लिक स्कूल, देहरादून में 22 अगस्त को ‘समिधा’ अंतरविद्यालयी विज्ञान कार्यक्रम का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘निष्कर्षण से अभिनिर्माण तक : इंसुलिन का उदय’ रहा। विज्ञान और नवाचार पर केंद्रित इस कार्यक्रम में 12 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग कर अपनी वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और प्रस्तुतीकरण क्षमता का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर यह मंगलकामना की गई कि भारत के भावी वैज्ञानिकों के मन-मस्तिष्क में नवाचार और नए विचारों की ज्योति सदैव प्रज्वलित रहे। इसके बाद विद्यालय के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना तथा भारतीय संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को गरिमामय बना दिया।

मॉडल, प्रस्तुतीकरण और नुक्कड़ नाटक ने मोहा मन
इंसुलिन की खोज से लेकर उसके आधुनिक निर्माण तक की वैज्ञानिक यात्रा को केंद्र में रखते हुए मॉडल निर्माण, प्रस्तुतीकरण और नुक्कड़ नाटक जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक मॉडल प्रस्तुत किए, जबकि नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से मधुमेह के कारणों, इसके बढ़ते प्रभाव और इंसुलिन के महत्व को लेकर जन-जागरूकता का संदेश दिया। प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विषय की वैज्ञानिक एवं सामाजिक उपयोगिता को प्रभावी ढंग से सामने रखा। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक क्षमता, तार्किक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुसंधान की समझ विकसित करना रहा।

परिवार और तकनीक के बीच संतुलन जरूरी : उमेश शर्मा काऊ
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक उमेश शर्मा काऊ ने विद्यार्थियों को परिवार के महत्व को समझने और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दूरी बनाए रखने की सीख दी। उन्होंने विद्यालय की ओर से आयोजित इस प्रकार की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि विज्ञान आधारित कार्यक्रम विद्यार्थियों में जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ प्रयोग, रचनात्मक गतिविधियों और व्यावहारिक अनुभवों से भी जोड़ना आवश्यक है। ऐसे आयोजन उनकी प्रतिभा को नई दिशा देने में सहायक होते हैं।

असफलताओं से सीखकर सफलता की ओर बढ़ें : डॉ. शैलेश सिंह
विशिष्ट अतिथि भारतीय पेट्रोलियम संस्थान, देहरादून के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शैलेश सिंह ने इसरो सहित विश्व के महान वैज्ञानिकों के योगदान का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों से कभी गलती नहीं होती, यह एक मिथक है। असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर उन्हें सफलता की सीढ़ी बनाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी तुलना दूसरों से न करने का आह्वान किया। कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की अपनी विशिष्ट क्षमता, प्रतिभा और जीवन यात्रा होती है। जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही विद्यार्थियों को भविष्य में नई उपलब्धियों की ओर ले जा सकती है।

‘करके सीखना’ ही वास्तविक शिक्षा : शालिनी समाधिया
विद्यालय की प्रधानाचार्या शालिनी समाधिया ने सभी प्रतिभागी टीमों के टीमवर्क और रचनात्मकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘समिधा’ उस लौ का प्रतीक है, जो मन को प्रेरित और प्रज्वलित करती है। यही भावना विद्यार्थियों में विकसित करना इस कार्यक्रम का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि वास्तविक शिक्षा केवल तथ्यों को याद करके परीक्षा में दोहराने तक सीमित नहीं है। रटने से उत्तर याद किए जा सकते हैं, लेकिन व्यावहारिक शिक्षा विद्यार्थियों को उत्तर खोजने का तरीका सिखाती है। उन्होंने ‘करके सीखने’ को विद्यार्थियों के समग्र विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

डीएसबी इंटरनेशनल स्कूल ऋषिकेश बना सर्वांगीण विजेता
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मॉडल निर्माण प्रतियोगिता में द होराइजन स्कूल ने प्रथम तथा डीएसबी इंटरनेशनल स्कूल, ऋषिकेश ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में डीएसबी इंटरनेशनल स्कूल, ऋषिकेश ने प्रथम और टाइम्स वर्ल्ड स्कूल ने द्वितीय स्थान हासिल किया। प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता में जीआरडी एकेडमी, निरंजनपुर, देहरादून ने प्रथम तथा डीएसबी इंटरनेशनल स्कूल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। समग्र प्रदर्शन के आधार पर सर्वांगीण विजेता ट्रॉफी डीएसबी इंटरनेशनल स्कूल, ऋषिकेश ने अपने नाम की। अन्य विद्यालयों के प्रतिभागियों ने भी सराहनीय प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में शामिल सभी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

डीएवी देहरादून ने निभाई मेजबान की भूमिका
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि डीएवी पब्लिक स्कूल, देहरादून ने मेजबान के रूप में प्रतियोगिताओं में सहभागिता तो की, लेकिन स्वयं प्रतियोगिता में शामिल नहीं रहा। विद्यालय ने अन्य प्रतिभागी विद्यालयों को मंच प्रदान करते हुए आयोजन की व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक संभाला।

कार्यक्रम के समग्र प्रभारी एवं डीएवी पब्लिक स्कूल, देहरादून के भौतिक विज्ञान के शिक्षक रोहित शर्मा ने सभी प्रतिभागी विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं, निर्णायक मंडल, विद्यालय के प्रत्येक सहयोगी सदस्य और प्रधानाचार्या शालिनी समाधिया के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ‘समिधा’ विज्ञान कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, प्रयोग और नवाचार का सफल मंच बन सका।