- इंटरमीडिएट में भी 85.11 से बढ़कर 91.80 फीसदी हुआ कुल उत्तीर्ण प्रतिशत
न्यूज 127, रामनगर/देहरादून
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाफल सुधार परीक्षा-2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। सुधार परीक्षा के बाद बोर्ड परीक्षाओं के कुल परीक्षा परिणाम में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। हाईस्कूल का कुल परीक्षाफल 92.10 फीसदी से बढ़कर 96.07 फीसदी, जबकि इंटरमीडिएट का परिणाम 85.11 फीसदी से बढ़कर 91.80 फीसदी हो गया है।
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के सभापति एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशक वीपी सिमल्टी ने बताया कि बोर्ड ने परीक्षाफल सुधार परीक्षा-2026 (प्रथम) तथा परीक्षाफल सुधार परीक्षा-2025 (तृतीय) के परिणाम घोषित किए हैं।
सुधार परीक्षा में हाईस्कूल का परिणाम 83.13 फीसदी
परीक्षाफल सुधार परीक्षा-2026 (प्रथम) में हाईस्कूल का कुल परीक्षा परिणाम 83.13 फीसदी रहा। इसमें बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 82.61 और बालिकाओं का 84.34 फीसदी रहा।
इंटरमीडिएट में सुधार परीक्षा का कुल परिणाम 73.35 फीसदी रहा। इसमें 71.20 फीसदी बालक और 76.07 फीसदी बालिकाएं उत्तीर्ण हुईं।
हाईस्कूल में 96 फीसदी से अधिक छात्र हुए उत्तीर्ण
परीक्षाफल सुधार परीक्षा के बाद हाईस्कूल के कुल बोर्ड परिणाम में करीब चार प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 92.10 फीसदी था, वहीं अब यह बढ़कर 96.07 फीसदी हो गया है।
इसमें बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 93.94 फीसदी और बालिकाओं का 98.14 फीसदी रहा। यानी सुधार परीक्षा के बाद बालिकाओं का प्रदर्शन बालकों की तुलना में बेहतर रहा।
इंटरमीडिएट में भी करीब सात फीसदी का उछाल
इंटरमीडिएट में सुधार परीक्षा के बाद परिणाम में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पहले जहां 85.11 फीसदी छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण हुए थे, वहीं अब कुल उत्तीर्ण प्रतिशत बढ़कर 91.80 फीसदी हो गया है। इसमें बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 89.26 फीसदी और बालिकाओं का 94.16 फीसदी रहा।
2025 की तृतीय सुधार परीक्षा का परिणाम भी जारी
परिषद ने परीक्षाफल सुधार परीक्षा-2025 (तृतीय) का परिणाम भी जारी किया। हाईस्कूल में कुल 66.67 फीसदी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। इसमें बालकों का परिणाम 71.88 फीसदी और बालिकाओं का 57.89 फीसदी रहा। इंटरमीडिएट में कुल परीक्षा परिणाम 58.70 फीसदी रहा। इसमें बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 61.54 और बालिकाओं का 55 फीसदी रहा।
‘छात्रों को बेहतर परिणाम का एक और अवसर’
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने परीक्षाफल सुधार परीक्षा में सफल छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि परीक्षाफल सुधार परीक्षा उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है, जो मुख्य बोर्ड परीक्षा में किसी विषय में अनुत्तीर्ण रह गए हों या अपने अंकों में सुधार करना चाहते हों।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी मेहनत के बल पर बेहतर परिणाम हासिल करने का एक और अवसर मिलता है। सुधार परीक्षा में उत्तीर्ण सभी छात्र-छात्राओं को उन्होंने उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।








