कप्तान मंजूनाथ टीसी की तेज तर्रार पुलिस ने चंद घंटों में दबोचे डकैती कांड के दो बदमाश










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पिस्टल-तमंचे, आठ जिंदा कारतूस और 66 हजार रुपये बरामद

जुए में लाखों हारने के बाद रची थी डकैती की साजिश, वारदात से पहले की थी गोरापड़ाव की रेकी

हल्द्वानी।
गोरापड़ाव में हथियारों के बल पर करीब आठ लाख रुपये की डकैती और जेवरात-मोबाइल लूट की सनसनीखेज वारदात का नैनीताल पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के नेतृत्व में पुलिस ने वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 66 हजार रुपये की नकदी, एक तमंचा और आठ जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात की साजिश रची थी और घटना से पहले गोरापड़ाव स्थित घटनास्थल की रेकी भी की थी।

दस हथियारबंद बदमाशों ने बोला था धावा

19 अगस्त की शाम डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि कोतवाली हल्द्वानी क्षेत्र के गोरापड़ाव में 10 से 12 हथियारबंद लोगों ने लूटपाट की घटना को अंजाम दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए हल्द्वानी कोतवाली से पुलिस बल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

मामले में वादी नारायण दास निवासी अम्बा विहार, तीनपानी, हल्द्वानी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि किया शोरूम के पीछे स्थित उनके कार्यालय/गैराज में करीब 10 हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने धावा बोल दिया। बदमाशों ने हथियारों के बल पर वादी और उनके परिचितों से करीब आठ लाख रुपये नकद, 12 मोबाइल फोन तथा तीन सोने की चेन एवं अंगूठी आदि लूट ली और फरार हो गए।

तहरीर के आधार पर कोतवाली हल्द्वानी में मुकदमा एफआईआर संख्या 284/2026, धारा 310(2) बीएनएस के तहत दर्ज कर जांच प्रभारी निरीक्षक विजय मेहता को सौंपी गई।

एसएसपी ने संभाली कमान, 50 पुलिसकर्मियों की टीम उतारी

वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तत्काल घटना का संज्ञान लिया और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए करीब 50 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की।

टीम में एसपी क्राइम/ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल, अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी, क्षेत्राधिकारी लालकुआं विमल प्रसाद सहित विभिन्न थाना प्रभारियों के अलावा एसओजी, साइबर टीम, क्राइम विशेषज्ञ, बीडीएस और डॉग स्क्वायड को शामिल किया गया।

एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने स्वयं घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ सर्विलांस के जरिए संदिग्धों की गतिविधियों की पड़ताल शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों और गवाहों से भी पूछताछ की।

सीसीटीवी और सर्विलांस ने खोला राज

जांच के दौरान पुलिस को दो संदिग्धों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले। पूछताछ के लिए पुलिस ने वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू निवासी सितारगंज और रखवीर सिंह निवासी ईश्वरपुर, शीशगढ़, बरेली को हिरासत में लिया।

पूछताछ में पुलिस के अनुसार दोनों ने डकैती की साजिश और वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि किच्छा निवासी यश सिडाना से उनकी मुलाकात हुई थी। यश कथित तौर पर लाखों रुपये का जुआ हारने के कारण आर्थिक तंगी से गुजर रहा था और उसकी मां की तबीयत भी खराब थी।

इसी दौरान गोरापड़ाव में बड़े पैमाने पर जुआ खेले जाने की बात सामने आई और कथित तौर पर वहीं डकैती की योजना बनाई गई। पुलिस के अनुसार योजना थी कि लूटी गई रकम से यश द्वारा जुए में हारी रकम की भरपाई की जाएगी और बची हुई रकम आपस में बांट ली जाएगी।

पहले रेकी, फिर नकाब पहनकर धावा

पुलिस पूछताछ के अनुसार आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए अन्य लोगों को भी अपने साथ जोड़ा। इसके बाद गोरापड़ाव स्थित कार्यालय/गैराज की रेकी की गई। पूरी तैयारी के बाद नकाबपोश हथियारबंद बदमाशों ने कार्यालय में धावा बोला और हथियारों के बल पर नकदी, सोने के आभूषण और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए।

पुलिस के मुताबिक लूट के बाद आरोपियों ने रकम आपस में बांट ली। वहीं लूटे गए मोबाइल फोन रास्ते में ही फेंक दिए गए, ताकि पुलिस को डिजिटल साक्ष्य या उनकी गतिविधियों से जुड़े सुराग न मिल सकें।

66 हजार रुपये और हथियार बरामद

पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से लूटी गई रकम में से 66 हजार रुपये बरामद किए हैं। वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू के कब्जे से 31 हजार रुपये और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए। वहीं रखवीर सिंह से 35 हजार रुपये, एक 315 बोर का तमंचा और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 61(2) और 317(3) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस ने बताया कि घटना संगठित तरीके से किए जाने के आधार पर बीएनएस के नए प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें गंभीर दंड का प्रावधान है।

गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रखवीर सिंह का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ केलाखेड़ा, दिनेशपुर, रुद्रपुर और नानकमत्ता थानों में हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, मारपीट, धमकी, आगजनी, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ वर्ष 2023 में केलाखेड़ा थाने में हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी वर्ष गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया। इसके अलावा 2024 में दिनेशपुर और 2025 में रुद्रपुर थाने में बीएनएस एवं आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हुए। नानकमत्ता थाने में भी उसके खिलाफ मामला दर्ज है।

वहीं दूसरे आरोपी वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू का आपराधिक इतिहास पुलिस द्वारा खंगाला जा रहा है।

एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने मामले के शीघ्र खुलासे के लिए गठित टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी थीं। पुलिस के अनुसार टीमों की लगातार मेहनत, सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस, सुरागरसी और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।

पुलिस टीम को एसएसपी ने दिया पुरस्कार

सनसनीखेज डकैती कांड का तेजी से खुलासा करने वाली पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने टीम को 2,500 रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया। पुलिस का कहना है कि वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और शेष लूट की बरामदगी के लिए जांच एवं दबिश की कार्रवाई लगातार जारी है।