हल्द्वानी डकैती कांड का मास्टरमाइंड यश सिडाना समेत चार गिरफ्तार










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एसएसपी मंजूनाथ टीसी की ताबड़तोड़ कार्रवाई से पुलिस को बड़ी सफलता, चार तमंचे, सात जिंदा कारतूस बरामद

न्यूज 127, हल्द्वानी।
गोरापड़ाव क्षेत्र में हथियारों के बल पर लाखों रुपये की डकैती डालने वाले गिरोह के खिलाफ नैनीताल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए घटना के मास्टरमाइंड यश सिडाना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार अवैध तमंचे, सात जिंदा कारतूस, 18 हजार रुपये की नकदी तथा वारदात में प्रयुक्त क्रेटा और स्कॉर्पियो वाहन बरामद किए हैं। मामले में पूर्व में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों समेत अब तक छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।

पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त 2026 की शाम डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि कोतवाली हल्द्वानी क्षेत्र के गोरापड़ाव में करीब 10-12 हथियारबंद लोगों ने लूटपाट की घटना को अंजाम दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस बल को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। घटना के संबंध में वादी नारायण दास पुत्र रोशन लाल, निवासी अंबा बिहार, तीनपानी, हल्द्वानी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 10 अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने केवाई शोरूम के पीछे स्थित उनके कार्यालय/गैराज में धावा बोलकर करीब आठ लाख रुपये की नकदी, 12 मोबाइल फोन, तीन सोने की चेन तथा अंगूठियां समेत अन्य सामान लूट लिया। तहरीर के आधार पर कोतवाली हल्द्वानी में एफआईआर संख्या 284/26, धारा 310(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच प्रभारी निरीक्षक विजय मेहता को सौंपी गई।

50 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए डकैती के शीघ्र अनावरण और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए करीब 50 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विशेष टीम गठित की। टीम में एसपी क्राइम/ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल, अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी अमित कुमार सैनी समेत विभिन्न थाना प्रभारियों, एसओजी, साइबर टीम, क्राइम विशेषज्ञ, बीडीएस डॉग स्क्वायड और क्राइम सीन विशेषज्ञों को शामिल किया गया। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने स्वयं घटनास्थल का गहन निरीक्षण कर घटना के दौरान मौजूद लोगों से जानकारी ली और पुलिस टीमों को अलग-अलग टास्क सौंपते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, सर्विलांस तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया।

पहले दो आरोपी गिरफ्तार, फिर कसा शिकंजा
पुलिस जांच के दौरान घटना में वंशप्रीत सिंह उर्फ पन्नू और रखवीर सिंह की संलिप्तता सामने आई। दोनों को 21 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसके बाद फरार अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमों को अलग-अलग राज्यों में दबिश के लिए रवाना किया गया। लगातार सुरागरसी, पतारसी, सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने चार और आरोपियों को दबोच लिया। यश सिडाना को 23 अगस्त को हल्द्वानी से गिरफ्तार किया गया। वहीं अमनदीप सिंह और शिवराज सिंह को 22 अगस्त को डीएनडी फ्लाईओवर, जैतपुर मोड़, नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। चौथे आरोपी अफजल मलिक को 23 अगस्त को किच्छा से गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों से हथियार और वाहन बरामद
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यश सिडाना (24), निवासी किच्छा, अमनदीप सिंह (21), निवासी जैतपुर गांव, नई दिल्ली, शिवराज सिंह (21), निवासी सदरपुर, थाना अमरिया, पीलीभीत तथा अफजल मलिक (21), निवासी बक्सपुर, थाना अमरिया, पीलीभीत के रूप में हुई है। पुलिस ने यश सिडाना के कब्जे से क्रेटा कार संख्या UK-06-BE-9091 तथा 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए। अमनदीप सिंह से स्कॉर्पियो कार संख्या DL-1CA-1984, 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। शिवराज सिंह के कब्जे से 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस तथा अफजल मलिक से 18 हजार रुपये नकद, 12 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस और धारा 3/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने डकैती की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

मास्टरमाइंड का भी आपराधिक इतिहास सामने आया
पुलिस के मुताबिक यश सिडाना का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास सामने आया है। उसके खिलाफ किच्छा थाने में एफआईआर संख्या 347/22, धारा 323/341/504/506 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज है। अन्य गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।

पुलिस टीम को एसएसपी ने किया पुरस्कृत
डकैती जैसे गंभीर मामले का त्वरित खुलासा करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियार एवं वाहन बरामद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली थाना पुलिस, एसओजी, साइबर टीम, क्राइम विशेषज्ञ, बीडीएस डॉग स्क्वायड एवं क्राइम सीन विशेषज्ञों की टीम का उत्साहवर्धन करते हुए एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने टीम को 2,500 रुपये के पुरस्कार से पुरस्कृत किया। नैनीताल पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि गोरापड़ाव डकैती कांड में शामिल आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ सीसीटीवी, सर्विलांस, तकनीकी साक्ष्य और फील्ड इंटेलिजेंस का प्रभावी इस्तेमाल किया। पुलिस अब घटना में शामिल अन्य आरोपियों और लूटे गए शेष सामान की बरामदगी के लिए भी जांच आगे बढ़ा रही है।